Market Capitalisation

पूरी कंपनी की कीमत: शेयर प्राइस × शेयरों की संख्या।

अगर आज के भाव पर हर शेयर खरीदा जाए, तो कंपनी की कुल कीमत यही होगी। यह कंपनी के साइज़ को मापने का सही तरीका है — सिर्फ शेयर प्राइस से कुछ पता नहीं चलता, क्योंकि ₹50 का शेयर और ₹5,000 का शेयर यह नहीं बताते कि कौन सी कंपनी बड़ी है।

भारत में साइज़ ही ऑफिशियल कैटेगरी तय करता है: large cap (लगभग टॉप 100 कंपनियां), mid cap (अगली 150), और small cap (बाकी सभी)। ये ब्रैकेट रैंकिंग से तय होते हैं, किसी फिक्स्ड रुपये के आंकड़े से नहीं।

₹2,182 प्रति शेयर × 23.6 करोड़ शेयर = लगभग ₹51,500 करोड़ का market capitalisation।

साइज़ और सेफ्टी जुड़े ज़रूर हैं, पर एक जैसे नहीं। Large cap आमतौर पर ज़्यादा स्टेबल होते हैं और जल्दी बेचना आसान होता है; small cap तेज़ी से बढ़ सकते हैं और उतनी ही तेज़ी से गिर भी सकते हैं, और बुरे दिन में इनसे निकलना मुश्किल हो सकता है।

Analysis only: Supath AI does not give investment advice. Consult a SEBI-registered financial advisor before making investment decisions.